(١) المحلى: (٨/ ٨٧)، والذخيرة: (٨/ ٧٥). والمغني: (٦/ ٤٤٤). (٢) تفسير القرطبي: (٣/ ٤٥٧). (٣) تفسير القرطبي: (٣/ ٤٠٧). (٤) انظر الاستدلال بهذه الآية: المبسوط للسرخسي: (٢١/ ١١٤)، والذخيرة للقرافي: (٨/ ٧٥)، والمغني للموفق ابن قدامة: (٦/ ٤٤٤). (٥) الوسيط في المذهب: (٣/ ٤٧٥). (٦) نيل الأوطار: (٥/ ٢٨٩). (٧) البناية شرح الهداية: (١٢/ ٤٦٥ - ٤٦٧)، وفيه: "جواز رهن السلاح منهم] أي أهل الذمة [هذا إذا لم يكن لهم قوة، أما إذا كان لهم قوة يكره ذلك"، عمدة القاري: (١١/ ٢٦٢).