قرأ خالد {فاكهون} بالرفع على أنه الخبر و {في جنات} متعلق به أو هو خبر ثان. البحر ٨: ١٤٨، الكشاف ٤: ٣٤.
٧ - {فكان عاقبتهما أنهما في النار خالدين فيها} [٥٩: ١٧].
قرأ عبد الله وزيد بن علي والأعمش {خالدان} بالألف على أنه الخبر، والظرف لغو أو على أنه خبر ثان. البحر ٨: ٢٥٠، البيان ٢: ٤٢٩.
[ما يحتمل تعدد الخبر]
يحتمل أن يكون خبر [إن] المكسورة الهمزة متعددا على رأي من يجيز ذلك في:
٢: ١١٥، ١٤٣، ١٧٣، ١٨١، ١٨٢، ١٩٩، ٣٠: ١٥٥، ٥: ٣٩، ٦: ٨٣، ١٢٨، ٧: ١٠٩، ١٥٣، ٨: ١٠، ١٧، ٢٢، ٥٢، ٦٩، ٩: ٥، ٢٨، ٧١، ٩٩، ١٠٢، ١١٤، ١١٨، ١١: ٤١، ٦١، ٧٥، ٩٠، ١٠٢، ١٢: ٦، ٥٣، ١٤: ٤٧، ١٦: ٧، ١٨، ٧٠، ١١٠، ٢: ٤٠، ٦٠، ٦٣، ٦٥، ٧٤، ٧٥، ٢٤: ٦٢، ٢٦: ٥٤، ٢٨: ٢٦، ٣١: ١٦، ٢٧، ٢٨، ٣٤، ٣٥: ٢٨، ٣١، ٤١: ٤٣، ٤٢: ٢٣، ٤٩: ١، ١٢، ١٣، ١٤، ٥٧: ٢٥، ٥٨: ١، ٢١، ٦٠: ١٢: ١٢، ٧٣: ٢٠.
[فإن] ٢: ١٥٨، ١٩٢، ٢٢٦، ٢٢٧، ٣: ٨٩، ٥: ٣، ٦: ١٤٥، ٨: ٤٩، ١٤: ٨، ١٦: ٤٧، ١١٥، ٢٤: ٥، ٢٧: ٤٠، ٣١: ١٢، ٥٧: ٢٤، ٥٨: ١٢، ٦٠: ٦، ٦٤: ١٤.
[وإن] ٣: ٦٢، ٨: ٤٢، ٢٢: ٥٩، ٦٤، ٢٦: ٩، ٥٧: ٩، ٥٨: ٢.
[إني] ١٢: ٥٥.
[فإني] ٢٧: ١١.
[وإني] ٢٧: ٣٩.
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